रुद्रपुर। ट्रांजिट कैंप थाना क्षेत्र में कपड़ों पर प्रेस करते समय छात्र को करंट लग गया। आननफानन परिजन उसे निजी अस्पताल में ले गए लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। अस्पताल प्रबंधन की ओर से उसे मृत घोषित किए जाने के बावजूद परिजनों ने लोगों के कहने पर प्राण लौटने की आस में उसकी देह को रेत से ढक दिया। पुलिस को इसकी भनक लगी तो वह मौके पर पहुंची और शव को जिला अस्पताल पहुंचाया। घटना से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
राजा काॅलोनी निवासी सत्यप्रकाश का बेटा एक निजी स्कूल में दसवीं में पढ़ता था। शनिवार शाम घर में कपड़ों पर प्रेस करते समय युवक को करंट लग गया। परिजन उसे निजी अस्पताल में ले गए, जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस पर परिजन शव घर ले आए। यहां शरीर में प्राण लौटने की आस में उन्होंने रेत से उसके शरीर ढक दिया था।
इसकी सूचना मिलने पर एसआई महेश कांडपाल टीम के साथ मौके पर पहुंचे। छात्र के परिजनों ने पुलिस को बताया कि यह घरेलू टोटका है। छात्र के शरीर में गर्मी नहीं है। इस वजह से उसे रेत से ढका है और वह ठीक हो जाएगा। पुलिस ने परिजनों को टोटके के बजाय अस्पताल ले जाने की सलाह दी।
काफी समझाने के बाद परिजन उसे जिला अस्पताल ले गए, जहां डाॅक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने बताया कि परिजनों को पुलिस टीम ने समझाकर बच्चे को अस्पताल पहुंचाया था लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी।