ऊधमसिंह नगर : सीडीएस जर्नल विपिन रावत एवं अन्य जवानो को दी गयी भावपूर्ण श्रद्धांजलि।

शिव अरोरा ने कहा सीडीएस जर्नल रावत व अन्य सैनिकों का असमय जाना देश कभी भुला नही सकता जर्नल रावत द्वारा देश के लिये किये गये कार्य हमेशा याद किये जायेंगे।

ऊधमसिंह नगर : सिडकुल बना श्रमिकों के मानवाधिकार हनन का अड्डा, विधायक ने डीएम के समक्ष रखी श्रमिकों…

सिडकुल में श्रमिकों को उचित मजदूरी न मिलने, स्थाई न करने, ओवर टाइम लेने सहित तमाम तरह से श्रमिकों के उत्पीड़न किये जाने से मानवाधिकार हनन का अड्डा बन गया है।

मुख्यमंत्री धामी द्वारा दी गई सीडीएस बिपिन रावत को श्रद्धांजलि, शोक सभा में भावुक दिखे लोग।

देश के वीर पर्वतपुत्र सीडीएस जनरल बिपिन रावत के आकस्मिक निधन से पूरा देश स्तब्ध है। उत्तराखंड में भी तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया है।

अजब-गजब: उत्तर प्रदेश में सामने आया हैरान करने वाला मामला, बकरी पालने पर सिपाही को नोटिस।

आगरा पुलिस लाइन स्थित आवास में रहने वाले एक सिपाही ने बकरियों का पालन शुरू कर दिया। इससे पड़ोसी परेशान हो गए। उन्होंने एसएसपी से शिकायत की।

ऊधमसिंह नगर : मनजिंदर सिरसा के फोटो पर किसानों ने पोती कालिख़।

तराई किसान संगठन के प्रदेशध्यक्ष सलविंदर सिंह कलसी के नेतृत्व में किसानों ने मनजिंदर सिरसा के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की।

ऊधमसिंह नगर : आपदा प्रभावितों को नहीं मिल पायी सहायता राशि, एसडीएम ने तुरंत चैक वितरण का आदेश।

विगत माह आयी भारी बारिश से बनें आपदा के हालात के बाद दी गई सहायता राशि अभी तक कई आपदा पीड़ितों को नहीं मिल पायी है।

रुद्रपुर में श्रद्धा से मनाया गुरु तेग बहादुर साहिब का बलिदान दिवस।

सिखों के नौवें गुरु, गुरुतेग बहादुर साहिब का शहीदी दिवस श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया गया। आदर्श कालोनी स्थित गुरुद्वारे में धार्मिक दीवान सजाया गया।

पंजाब के नायक गुरसेवक सिंह ने गंवाई जान, आज पार्थिव शरीर पहुंचेगा गांव।

गुरसेवक सिंह की पत्नी जसप्रीत कौर बार-बार अपने ससुर काबल सिंह से पूछ रही थी कि आखिर घर में इतनी भीड़ क्यों हो रही है।

किसान आंदोलन रहा सफल, कृषि कानून रहे असफल, किसान व समर्थकों में उत्साह।

15 जनवरी को फिर संयुक्त किसान मोर्चा की फिर मीटिंग होगी। जिसमें आंदोलन की समीक्षा करेंगे। सिंघु बॉर्डर पर किसानों ने टेंट उखाड़ने शुरू कर दिए हैं।

ऐतिहासिक रहा किसान आंदोलन, केन्द्र सरकार को कृषि कानून वापिस लेने के लिये किया मजबूर।

किसान आंदोलन की चिंगारी पंजाब से ही सुलगी थी। 5 जून 2020 को केंद्र ने कृषि सुधार बिल संसद में रखे थे।