उत्तराखंड के एक पीजी कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव के बाद शुरू हुआ एनएसयूआई और एबीवीपी का विवाद बृहस्पतिवार रात कॉलेज परिसर से निकलकर छात्रों के कमरों तक पहुंच गया। रायपुर थाने में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, अपर आमवाला-मयूर विहार क्षेत्र स्थित एक कमरे में घुसकर सो रहे दो युवकों के साथ मारपीट की गई और उन्हें अलग-अलग दोपहिया वाहनों पर जबरन बैठाकर ले जाने का आरोप है।
बृहस्पतिवार-शुक्रवार की दरम्यानी रात दर्ज प्राथमिकी में शिकायतकर्ता राहुल ने बताया कि वह डीबीएस छात्रसंघ अध्यक्ष अभिनव के कमरे में सो रहा था। आरोप है कि इसी दौरान हिमांशु, योगेश, मनवीर, सुजीत, राहुल और मोनू कुछ अन्य युवकों के साथ कमरे में पहुंचे। आरोपियों ने दोनों युवकों के साथ लात-घूंसों और डंडों से मारपीट की।
प्राथमिकी के मुताबिक, इसके बाद मनवीर और योगेश राहुल को एक एक्टिवा पर जबरन बैठाकर ले गए, जबकि हिमांशु और सुजीत दूसरी एक्टिवा से ध्रुव को ले गए। राहुल ने आरोप लगाया कि उसे करनपुर में बेहोशी की हालत में छोड़ दिया गया। वहीं, ध्रुव को कथित तौर पर करनपुर स्थित एबीवीपी के प्रदेश कार्यालय ले जाया गया, जहां उसके साथ मारपीट की गई।
शिकायत में कहा गया है कि घटना की जानकारी मिलने पर एनएसयूआई नेता मुकेश और अभिनव ने विरोध किया, जिसके बाद दोनों युवकों को छोड़ दिया गया।
रायपुर थाना प्रभारी संजीत कुमार ने बताया कि शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
