रामपुर। ई-रजिस्ट्री के आदेश को वापस लिए जाने की घोषणा के बाद जिले की सभी तहसीलों में अधिवक्ताओं और स्टांप वेंडरों का आंदोलन समाप्त हो गया। सदर तहसील में एआईजी स्टांप के आश्वासन के बाद हड़ताल वापस लेने की घोषणा की गई। इसके साथ ही बिलासपुर, शाहबाद, मिलक और टांडा तहसीलों में भी अधिवक्ता काम पर लौट आए, जिससे आम लोगों ने राहत की सांस ली।
ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में जिलेभर के अधिवक्ता और स्टांप वेंडर 23 जून से हड़ताल पर थे। शासन द्वारा दो दिन पहले विरोध को देखते हुए ई-रजिस्ट्री का आदेश वापस लेने की घोषणा की गई थी, लेकिन इसके बावजूद कुछ तहसीलों में आंदोलन जारी रहा।
बुधवार को सदर तहसील में एआईजी स्टांप के साथ वार्ता के बाद अधिवक्ताओं और स्टांप वेंडरों ने हड़ताल समाप्त करने का निर्णय लिया। अधिवक्ता भरत पुठिया ने बताया कि बृहस्पतिवार से सभी अधिवक्ता और स्टांप वेंडर नियमित रूप से कामकाज शुरू करेंगे।
उधर, शाहबाद तहसील में ई-रजिस्ट्री से संबंधित कानून वापस लिए जाने की खुशी में अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में ढोल-नगाड़ों के साथ जुलूस निकाला और मिठाई बांटकर खुशी का इजहार किया। जिलेभर में कामकाज बहाल होने से रजिस्ट्री सहित अन्य राजस्व कार्यों के लिए आने वाले लोगों को भी बड़ी राहत मिली।
