रुद्रपुर : पुलिस पर थर्ड डिग्री का आरोप, युवक का नाखून उखाड़ने और गर्म लाइटर से जांघ दागने का दावा

रुद्रपुर। ऊधम सिंह नगर जिले में पुलिस पर एक बार फिर गंभीर आरोप लगे हैं। रुद्रपुर के ट्रांजिट कैंप थाना क्षेत्र में चोरी के आरोप में हिरासत में लिए गए एक युवक ने पुलिस पर थर्ड डिग्री देने, बेरहमी से मारपीट करने, पैरों के नाखून उखाड़ने और गर्म लाइटर से जांघ दागने का आरोप लगाया है। पीड़ित युवक अपनी मां और पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल के साथ एसएसपी कार्यालय पहुंचा और आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

जानकारी के अनुसार, ट्रांजिट कैंप थाना क्षेत्र निवासी युवक एक वॉशिंग सेंटर में काम करता है। उस पर सोने की चेन चोरी करने का आरोप लगाया गया था। शिकायत मिलने पर पुलिस उसे पूछताछ के लिए थाने ले गई। युवक और उसके परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने उसे तीन से चार दिन तक थाना और पुलिस चौकी में रखा तथा पूछताछ के दौरान उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया।

पीड़ित का आरोप है कि हिरासत के दौरान पुलिसकर्मियों ने उसके साथ बेरहमी से मारपीट की, पैरों के नाखून उखाड़ दिए और गर्म लाइटर से उसकी जांघ दाग दी। परिजनों का कहना है कि गंभीर रूप से घायल होने के बाद पुलिस ने युवक को उनके सुपुर्द कर दिया, जिसके बाद उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उसका इलाज किया और उसके शरीर पर चोटों के निशान पाए गए।

परिजनों का कहना है कि घटना की शिकायत पुलिस अधिकारियों से पहले ही की जा चुकी थी, लेकिन 15 दिन से अधिक समय बीत जाने के बावजूद संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे नाराज होकर पीड़ित युवक अपनी मां और पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल के साथ एसएसपी कार्यालय पहुंचा। पीड़ित की मां ने लिखित तहरीर देकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।

पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति पर चोरी का आरोप है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन हिरासत में किसी के साथ कथित मारपीट या अमानवीय व्यवहार किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

वहीं, रुद्रपुर के क्षेत्राधिकारी (सीओ) विभव सैनी ने बताया कि कुछ लोग उनसे मिले हैं और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत प्राप्त हो गई है और मामले की जांच कराई जाएगी।

युवक के शरीर पर कथित चोटों के निशान और घटना से जुड़े फोटो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहे हैं, जिससे मामले ने तूल पकड़ लिया है। पुलिस हिरासत में यातना के आरोप बेहद गंभीर माने जाते हैं और यदि जांच में इनकी पुष्टि होती है तो यह कानून व्यवस्था और पुलिस कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा करेगा। फिलहाल पीड़ित परिवार दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़ा है, जबकि पुलिस ने मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है।