सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड हाई कोर्ट को हल्द्वानी स्थानांतरित करने की दी मंजूरी, राज्य सरकार को 6 सप्ताह के अंदर भूमि हाई कोर्ट को सौंपने का भी दिया आदेश।
मीडिया ग्रुप 15 जुलाई 2026
उत्तराखंड हाई कोर्ट को नैनीताल से हल्द्वानी शिफ्ट करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 15 जुलाई 2026 को बड़ा फैसला सुनाया है। शीर्ष अदालत ने हाई कोर्ट को शिफ्ट करने का रास्ता साफ कर दिया है और वकीलों-मुवक्किलों की राय जानने के लिए जनमत संग्रह (Referendum) कराने के हाई कोर्ट के पुराने आदेश को रद्द कर दिया है।
उत्तराखंड मंत्रिमंडल ने 2022 में उच्च न्यायालय को नैनीताल से हल्द्वानी स्थानांतरित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी। अब सर्वोच्च न्यायालय ने भी इसे हरी झंडी दे दी। भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने बुधवार को उत्तराखंड उच्च न्यायालय के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें वकीलों और वादियों के बीच जनमत संग्रह कराने का निर्देश दिया गया था ताकि यह तय किया जा सके कि उच्च न्यायालय को नैनीताल से किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित किया जाना चाहिए या नहीं। मई 2024 में उच्च न्यायालय ने राज्य के मुख्य सचिव को उच्च न्यायालय और आवासीय आवास, सम्मेलन कक्ष और पार्किंग स्थल की स्थापना के लिए सबसे उपयुक्त भूमि का पता लगाने का भी आदेश दिया था।
हालांकि, भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत , न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी मोहना की पीठ ने आज कहा कि उच्च न्यायालय न्यायिक पक्षों पर इस तरह का निर्देश पारित नहीं कर सकता था। अदालत ने कहा, “न्यायिक पक्ष में इस तरह के आदेश पारित करने का अधिकार उच्च न्यायालय को नहीं है।” इसमें आगे कहा गया कि उच्च न्यायालय को राज्य सरकार के परामर्श से प्रशासनिक पक्ष के मुद्दों का समाधान करना था।
इस बात को ध्यान में रखते हुए कि राज्य सरकार ने हल्द्वानी में उच्च न्यायालय के निर्माण के लिए पहले ही भूमि आवंटित कर दी है, न्यायालय ने निर्देश दिया कि सभी स्वीकृतियां छह सप्ताह के भीतर दे दी जाएं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, “यह जमीन हाई कोर्ट को सौंप दी जाए।”
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मुख्य बिंदु-
जमीन आवंटन:
सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह हल्द्वानी में हाई कोर्ट के निर्माण के लिए 6 सप्ताह के भीतर जमीन का कब्जा सौंपे।
जनमत संग्रह रद्द-
सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के उस आदेश को खारिज कर दिया, जिसमें वकीलों और वादियों से यह तय करने के लिए जनमत संग्रह (referendum) कराने को कहा गया था कि हाई कोर्ट को शिफ्ट किया जाए या नहीं।
बुनियादी ढांचा-
राज्य सरकार को बुनियादी ढांचे से जुड़ी समस्याओं को हल करने और अदालत के निर्माण के लिए सभी आवश्यक मंजूरी 6 सप्ताह के भीतर पूरी करने को कहा गया है। नैनीताल से हाई कोर्ट को हल्द्वानी शिफ्ट करने के लिए उत्तराखंड कैबिनेट ने 2022 में प्रस्ताव पास किया था। इसके बाद से ही जगह का चयन और अन्य प्रक्रियाएं चल रही थीं, जिस पर अब सुप्रीम कोर्ट की मुहर लग गई है।
