महापौर विकास शर्मा की पहल पर माने राइस मिलर्स, बुधवार से धान खरीद के लिए पंजीकरण शुरू

रुद्रपुर। लंबे समय से लंबित मांगों का समाधान नहीं होने से धान खरीद से दूरी बनाए हुए राइस मिलर्स ने अब खरीद प्रक्रिया में शामिल होने पर सहमति जताई है। महापौर विकास शर्मा की पहल पर मंगलवार को मंडी निदेशालय में मंडी परिषद अध्यक्ष अनिल कपूर डब्बू और राइस मिलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों के बीच हुई वार्ता में कई अहम आश्वासन दिए गए। मंडी अध्यक्ष ने तीन वर्षों से लंबित 0.5 प्रतिशत मंडी सेस के मामले को दो दिन के भीतर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के समक्ष उठाकर समाधान कराने का भरोसा दिलाया। साथ ही मंडी शुल्क दो प्रतिशत ही लिए जाने का आश्वासन दिया। इसके बाद राइस मिलर्स एसोसिएशन ने बुधवार से धान खरीद के लिए पंजीकरण शुरू करने का निर्णय लिया।

राइस मिलर्स अपनी विभिन्न मांगों के समाधान के लिए लंबे समय से शासन-प्रशासन से गुहार लगा रहे थे। इस संबंध में एसोसिएशन की ओर से कई बार ज्ञापन भी दिए गए, लेकिन समस्याओं का समाधान नहीं होने से मिलर्स में नाराजगी बनी हुई थी। इसका असर जिले में धान खरीद व्यवस्था पर पड़ रहा था। खरीद प्रक्रिया प्रभावित होने से किसानों को भी अपनी उपज बेचने में परेशानी होने की आशंका थी।

किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए महापौर विकास शर्मा ने राइस मिलर्स की समस्याओं के समाधान के लिए पहल की। इसी क्रम में मंगलवार को मंडी निदेशालय में मंडी परिषद अध्यक्ष अनिल कपूर डब्बू की मौजूदगी में एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ वार्ता हुई। बैठक में मिलर्स ने अपनी समस्याएं रखते हुए लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण की मांग की।

बैठक में तीन वर्षों से लंबित 0.5 प्रतिशत मंडी सेस का मामला प्रमुखता से उठाया गया। मंडी परिषद अध्यक्ष अनिल कपूर डब्बू ने आश्वासन दिया कि वह दो दिन के भीतर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर इस मुद्दे को उनके समक्ष रखेंगे और समाधान के लिए प्रभावी पैरवी करेंगे। उन्होंने मंडी शुल्क दो प्रतिशत ही लिए जाने तथा मिलर्स की अन्य समस्याओं के निस्तारण का भी भरोसा दिलाया।

मंडी परिषद अध्यक्ष अनिल कपूर डब्बू ने कहा कि राइस मिलर्स की समस्याओं को गंभीरता से लिया गया है। मंडी सेस के लंबित मामले के समाधान के लिए मुख्यमंत्री से मुलाकात कर प्रभावी पैरवी की जाएगी। अन्य समस्याओं के निस्तारण के लिए भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

महापौर विकास शर्मा ने कहा कि किसानों के साथ-साथ राइस मिलर्स के हितों का ध्यान रखना भी जरूरी है। धान खरीद व्यवस्था में बाधा आने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसी को देखते हुए मिलर्स की समस्याओं के समाधान के लिए पहल की गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आपसी संवाद और सकारात्मक प्रयासों से लंबित समस्याओं का समाधान होगा और धान खरीद प्रक्रिया सुचारु रूप से आगे बढ़ेगी।

राइस मिलर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष सत्यवान गर्ग और महामंत्री गगन गर्ग ने कहा कि मिलर्स लंबे समय से अपनी मांगों के समाधान की प्रतीक्षा कर रहे थे। बैठक में मंडी अध्यक्ष ने समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए उनके निस्तारण का भरोसा दिलाया है। इसी विश्वास के आधार पर एसोसिएशन ने बुधवार से धान खरीद के लिए पंजीकरण शुरू करने का निर्णय लिया है।