उधमसिंह नगर में नाबालिगों के बीच मामूली विवाद चाकूबाजी तक पहुंचने की घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी है। पिछले 14 दिनों में जसपुर क्षेत्र में चाकूबाजी की तीन घटनाएं सामने आई हैं। तीनों मामलों में हमलावर और पीड़ित नाबालिग हैं। एक घटना में 12 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई, जबकि दो मामलों में नाबालिग घायल हुए हैं। खेल, बैठने और छोटी-छोटी बातों को लेकर शुरू हुए विवादों का हिंसा में बदलना बच्चों में बढ़ती आक्रामकता पर सवाल खड़े कर रहा है।
ताजा मामला 12 सितंबर का है। भूतपुरी मार्ग स्थित ओपी सिंह इंटर कॉलेज में कक्षा नौ के दो सहपाठियों के बीच किताब और कक्षा में बैठने को लेकर विवाद हो गया। आरोप है कि छुट्टी के बाद स्कूल के बाहर दोनों के बीच फिर कहासुनी हुई। इसी दौरान एक छात्र ने अपने सहपाठी पर चाकू से वार कर दिया। चाकू बांह पर लगने से छात्र घायल हो गया।
घटना के बाद घायल छात्र किसी तरह कोतवाली पहुंचा और पुलिस को जानकारी दी। पुलिस ने उसे सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। सीएमएस डॉ. धीरेंद्र मोहन गहलोत ने बताया कि प्राथमिक उपचार के बाद छात्र को घर भेज दिया गया।
पुलिस की प्रथम दृष्टया जांच में सामने आया है कि आरोपी छात्र घर से सब्जी काटने वाला चाकू लेकर आया था। सूत मिल चौकी प्रभारी एसआई राजेंद्र प्रसाद मामले की जांच कर रहे हैं। सीओ जसपुर प्रशांत कुमार ने बताया कि मामले में अभी तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
14 दिन में तीन घटनाएं
30 अगस्त: पूर्वी छीपियान जटवारा में खेलते समय हुए विवाद में 11 वर्षीय बच्चे ने 12 वर्षीय बच्चे पर चाकू से हमला कर दिया था। उपचार के दौरान घायल बच्चे की मौत हो गई थी। पुलिस ने आरोपी बच्चे को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया था।
8 सितंबर: इमरान चौक क्षेत्र में करीब 12 वर्षीय बच्चे ने मामूली विवाद में 12 वर्षीय बच्चे पर चाकू से हमला कर दिया था। घायल होने के बाद बाद में मोहल्ले के संभ्रांत नागरिकों की मौजूदगी में मामला सुलझा दिया गया था।
12 सितंबर: भूतपुरी मार्ग स्थित ओपी सिंह इंटर कॉलेज में कक्षा नौ के दो छात्रों के बीच किताब और बैठने को लेकर विवाद के बाद सहपाठी पर चाकू से हमला किया गया।
छोटी-छोटी बातों पर हिंसा चिंता का विषय
तीनों घटनाओं में विवाद की शुरुआत मामूली बातों से हुई, लेकिन मामला चाकूबाजी तक पहुंच गया। खास बात यह है कि सभी मामलों में हमलावर और पीड़ित नाबालिग हैं। लगातार सामने आ रही घटनाएं अभिभावकों, स्कूलों और समाज के लिए चिंता का विषय हैं।
बच्चों के बीच बढ़ती आक्रामकता को रोकने के लिए अभिभावकों और स्कूलों की निगरानी के साथ बच्चों से नियमित संवाद की जरूरत है, ताकि छोटी-छोटी बातों को हिंसक विवाद में बदलने से पहले ही रोका जा सके।
