उत्तराखण्ड का पहला बालक बनने जा रहा है मोक्ष मार्ग का पथिक
उत्तराखण्ड प्रदेश के लिए गौरव का अवसर है, क्योंकि पहली बार प्रदेश से एक बालक जैन भागवती दीक्षा अंगीकार करने जा रहा है।
रूद्रपुर। उत्तराखण्ड प्रदेश के लिए गौरव का अवसर है, क्योंकि पहली बार प्रदेश से एक बालक जैन भागवती दीक्षा अंगीकार करने जा रहा है। यह दीक्षा आगामी 1 फरवरी 2026 को दिल्ली में श्री सुदर्शन संघ के तत्वावधान में आयोजित होगी। हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश जैसे उत्तर भारत के राज्यों से पहले भी कई बच्चे मोक्ष मार्ग के पथिक बन चुके हैं, लेकिन पूरे उत्तराखण्ड से यह पहला अवसर है जब कोई बालक दीक्षा ले रहा है।
रूद्रपुर शहर से जैन समाज के बालक संभव जैन इसी दिन दीक्षित होंगे। दीक्षा से पूर्व उनका तिलक समारोह शुक्रवार को जैन स्थानक, आदर्श कॉलोनी, रूद्रपुर में बड़े हर्षोल्लास के साथ आयोजित किया गया। समारोह में समाजजनों ने संभव जैन का गर्मजोशी से स्वागत किया और गाजे-बाजे के साथ भव्य शोभा यात्रा निकाली। शोभा यात्रा में जैन समाज के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए और मार्ग में जगह-जगह स्वागत किया गया।
पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल भी शोभा यात्रा में शामिल हुए। उन्होंने संभव जैन को दीक्षा ग्रहण करने पर बधाई दी और कहा कि उनके इस निर्णय से न केवल जैन समुदाय को गर्व महसूस हो रहा है, बल्कि यह उत्तराखण्ड के युवाओं के लिए प्रेरणा का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को ऐसे धार्मिक एवं आध्यात्मिक मार्ग अपनाने वाले बच्चों से प्रेरणा लेनी चाहिए और उनके आदर्शों को जीवन में उतारना चाहिए।
इस अवसर पर समाज के कई गणमान्य लोग मौजूद रहे, जिनमें ताराचन्द्र अग्रवाल, जयभगवान जैन, कैलाश गर्ग, सजेय जुनेजा, राजकुमार सीकरी, बन्टी मक्कड़ और सुनील हुकराल शामिल थे।
