रुद्रपुर : कोर्ट के स्टे ऑर्डर की अवमानना व्यापारी को पड़ी भारी, 15 दिन की सिविल जेल की सजा

रुद्रपुर। चतुर्थ अपर सिविल जज (सीनियर डिवीजन) रवीन्द्र देव मिश्र की अदालत ने न्यायालय के अंतरिम निषेधाज्ञा आदेश के उल्लंघन के मामले में व्यापारी श्यामलाल नागपाल को 15 दिन के सिविल कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने उन्हें सिविल कारागार भेजे जाने के लिए परवाना जारी करने के निर्देश भी दिए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, रुद्रपुर की मेन मार्केट स्थित प्लाट संख्या जे-27 सीए को लेकर रमेशलाल नागपाल और उनके भाई श्यामलाल नागपाल के बीच विवाद चल रहा है। उक्त संपत्ति में दोनों भाइयों द्वारा संयुक्त रूप से नावेल्टी स्वीट्स एंड रेस्टोरेंट का संचालन किया जा रहा है।

रमेशलाल नागपाल के अनुसार, उक्त संपत्ति दोनों भाइयों ने संयुक्त रूप से खरीदी थी, लेकिन संपत्ति में उनका हिस्सा श्यामलाल नागपाल द्वारा नहीं दिया गया। इस संबंध में उन्होंने अपने अधिवक्ताओं गुरबाज सिंह एडवोकेट एवं सुरेंद्र नरूला एडवोकेट के माध्यम से न्यायालय में वाद दायर किया था। उक्त सिविल वाद संख्या 179/2014 वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है।

वादी के अनुसार, न्यायालय ने 15 दिसंबर 2014 को विवादित संपत्ति के संबंध में अंतरिम निषेधाज्ञा जारी करते हुए प्लाट संख्या जे-27 सीए को किसी भी प्रकार से विक्रय, हस्तांतरण अथवा खुर्द-बुर्द किए जाने से रोक दिया था। उक्त अंतरिम आदेश आज तक प्रभावी बताया गया है।

आरोप है कि उक्त अंतरिम निषेधाज्ञा के प्रभावी रहते हुए श्यामलाल नागपाल द्वारा विवादित संपत्ति, जिसमें नावेल्टी स्वीट्स एंड रेस्टोरेंट संचालित है, को अपने पुत्र संजीव नागपाल एवं पुत्रवधू अंजलि नागपाल के नाम हस्तांतरित कर दिया गया। वादी रमेशलाल नागपाल की ओर से इसे न्यायालय के आदेश का उल्लंघन बताते हुए न्यायालय के समक्ष कार्रवाई की मांग की गई।

मामले में आदेश-39 नियम 2(ए) सीपीसी के तहत प्रकीर्ण दीवानी वाद संख्या 15/2015, रमेशलाल नागपाल बनाम श्यामलाल नागपाल आदि दायर किया गया। मामले की सुनवाई के उपरांत न्यायालय ने श्यामलाल नागपाल को 15 दिसंबर 2014 को पारित अंतरिम निषेधाज्ञा के उल्लंघन का दोषी माना।

न्यायालय ने आदेश के उल्लंघन के लिए श्यामलाल नागपाल को 15 दिन के सिविल कारावास से दंडित करने का आदेश पारित किया है। साथ ही, उन्हें सिविल कारागार भेजे जाने के लिए परवाना जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।