रुद्रपुर। रोडवेज डिपो पर यात्रियों के लिए पर्याप्त बैठने की व्यवस्था नहीं होने से रात में बसों का इंतजार करना जोखिम भरा साबित हो रहा है। यात्री बस आने तक डिपो के बाहर सड़क किनारे बैठने को मजबूर हैं।
सामान लेकर सड़क किनारे बैठे यात्रियों के बीच से बस और अन्य वाहन गुजरते रहते हैं। ऐसे में जरा सी चूक गंभीर हादसे का कारण बन सकती है। रात के समय स्थिति और अधिक चिंताजनक हो जाती है। महिला, बुजुर्ग और बच्चों के साथ यात्री भी सड़क किनारे बैठकर बस का इंतजार करते हैं।
डिपो पर अस्थायी बेंच या प्रतीक्षालय की व्यवस्था नहीं होने के कारण यात्रियों के पास सड़क किनारे बैठने के अलावा कोई विकल्प नहीं रहता। कई बार बसों के आने की जानकारी के लिए यात्रियों को सड़क तक आना पड़ता है, जिससे अव्यवस्था और बढ़ जाती है।
वहीं, रात में स्ट्रीट लाइट की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से यात्री मोबाइल की टॉर्च के सहारे काम चलाते हैं। यात्रियों का कहना है कि लंबी दूरी की बसों का इंतजार करने में कई बार काफी समय लग जाता है। ऐसे में सुरक्षित स्थान पर बैठने की सुविधा नहीं होने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रोडवेज अधिकारियों का कहना है कि बस टर्मिनल के निर्माण के कारण फिलहाल यात्रियों को असुविधा हो रही है। जल्द ही उन्हें आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी।
“बस टर्मिनल के निर्माण के कारण यात्रियों को असुविधा हो रही है। जल्द यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी।”
— मधूसूदन मिश्रा, एआरएम
