उत्तराखंड में कक्षा 1 में प्रवेश के लिए न्यूनतम आयु का आदेश जारी, उल्लंघन पर विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी।

मीडिया ग्रुप, 29 अगस्त, 2025

देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 से कक्षा 1 में प्रवेश के लिए न्यूनतम आयु 6 वर्ष पूरी करने की अनिवार्यता को लेकर आदेश जारी किया गया है। उत्तराखंड शासन ने कक्षा-1 में प्रवेश हेतु निर्धारित न्यूनतम आयु सीमा के उल्लंघन पर गंभीर रुख अपनाया है। उत्तराखंड शासन के बेसिक शिक्षा अनुभाग-2 की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि कई विद्यालय निर्धारित मानकों की अनदेखी कर छात्रों को उम्र से पहले प्रवेश दे रहे हैं, जो शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 तथा निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार नियमावली 2011 का सीधा उल्लंघन है।

शासन द्वारा 13 जून 2025 को जारी अधिसूचना संख्या-273/XXIV-A-2/25-45/2008 के अनुसार कक्षा-1 में प्रवेश के लिए न्यूनतम आयु 6 वर्ष निर्धारित की गई है। शैक्षणिक सत्र की गिनती 1 जुलाई से होगी। इस तिथि तक बच्चों की आयु 6 वर्ष पूरी होनी चाहिए। इसी तरह प्री-स्कूल (नर्सरी, एलकेजी, यूकेजी) में प्रवेश हेतु आयु की स्पष्ट मानक सूची जारी की गई है—

प्री-प्राइमरी-I (नर्सरी/बालवाटिका-I) – 3 वर्ष पूर्ण

प्री-प्राइमरी-II (एलकेजी/बालवाटिका-II) – 4 वर्ष पूर्ण

प्री-प्राइमरी-III (यूकेजी/बालवाटिका-III) – 5 वर्ष पूर्ण

कक्षा-1 – 6 वर्ष पूर्ण

विभागीय पत्र में कहा गया है कि कई विद्यालय प्रवेश के समय आयु-सीमा का उल्लंघन कर छोटे बच्चों को एडमिशन दे रहे हैं। इससे न केवल बच्चों की शिक्षा पर प्रतिकूल असर पड़ता है, बल्कि मानसिक विकास पर भी दबाव बनता है।

शासन ने ऐसे विद्यालयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। यदि कोई विद्यालय निर्धारित मानकों का पालन नहीं करता पाया जाता है, तो उनके विरुद्ध नियमावली के अनुसार कार्यवाही की जाएगी। साथ ही जिला स्तर पर समस्त मुख्य शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि ऐसे मामलों की नियमित निगरानी कर रिपोर्ट शासन को भेजें।

शासन सचिव रविनाथ रामन के हस्ताक्षरों से जारी आदेश में कहा गया है कि “आयु-सीमा का पालन शिक्षा की गुणवत्ता और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अनिवार्य है। किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”