उधमसिंह नगर। संपर्क क्रांति से दिल्ली जा रहे रुद्रपुर के दो कर्मचारी से चलती ट्रेन में लूट मामले में एक व्यापारी के पूर्व कर्मचारी ने ही लूट की पटकथा लिखी थी। जीआरपी ने मुठभेड़ के बाद चार अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है। मुठभेड़ में घायल एक का उपचार चल रहा है।
बीते 15 अप्रैल 2026 को संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में सफर कर रहे रुद्रपुर के जपनीत ऑटो के मालिक और टू व्हीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष मनजीत सिंह गगनेजा के दो कर्मचारी रीतिक और साहिब से हथियारों के बल पर दो लाख 50 हजार रुपये लूट लिए गए थे।
जीआरपी पुलिस अधीक्षक आशुतोष शुक्ला ने बताया कि मामले में थाना जीआरपी रामपुर में प्राथमिकी दर्ज कर अभियुक्तों की तलाश के लिए रुद्रपुर से लेकर मुरादाबाद तक 400 से अधिक सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए और संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ करने के बाद जांच में चार लोगों की संलिप्तता सामने आई।
रविवार सुबह सूचना पर जीआरपी रामपुर, बिलासपुर पुलिस और आरपीएफ रुद्रपुर की संयुक्त टीम ने बिलासपुर रेलवे स्टेशन के पास घेराबंदी की। इस दौरान बदमाशों ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी।
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में मुख्य अभियुक्त मिश्रा के बाएं पैर में गोली लगी। उसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया जबकि उसके तीन अन्य साथियों गौरव (पूर्व कर्मचारी), गुरदेव और भारत को मौके से दबोच लिया गया। उनके कब्जे से 1,38,000 रुपये, 315 बोर के दो तमंचे, एक कारतूस और दो खोखा बरामद हुए हैं। वहीं फरार अन्य पांच अभियुक्तों की तलाश की जा रही है।
अभियुक्तों को कैसे मिली दिल्ली जाने की सूचना?
पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल उठ रहा है कि आखिर अभियुक्तों को पैसे लेकर दिल्ली जाने की बात कहां से पता चली। सूचना के बाद ही वह कर्मचारी के पीछे लगे थे। इस बारे में दुकान मालिक मनजीत का कहना है कि अभियुक्त गौरव उनका पुराना कर्मचारी है। हो सकता है कि दिल्ली जाने से पहले दोनों कर्मचारी से अभियुक्त की मुलाकात हुई हो उसने यह साजिश रची।
