ऊधमसिंह नगर: गदरपुर नगर पालिका पर भ्रष्टाचार के आरोप

ऊधमसिंह नगर के गदरपुर में कांग्रेस नगर अध्यक्ष सिद्धार्थ भुसरी ने नगर पालिका पर भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि पालिका प्रशासन जनता की समस्याओं के समाधान के बजाय अपने करीबी लोगों को लाभ पहुंचाने में जुटा है। साथ ही नगर पालिका अध्यक्ष मनोज गुंबर पर सरकारी धन के दुरुपयोग और जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया।

सिद्धार्थ भुसरी ने बताया कि उन्होंने सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत 14 बिंदुओं पर जानकारी मांगी थी, लेकिन अधिकांश मामलों में संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उनका आरोप है कि वास्तविक जानकारी देने के बजाय गोलमोल उत्तर देकर तथ्यों को छिपाने का प्रयास किया गया। मामले में उन्होंने एसडीएम कार्यालय में अपील भी दायर की है।

भुसरी के अनुसार, उन्होंने नगर क्षेत्र के सात वार्डों की सफाई व्यवस्था और 11 वार्डों में कूड़ा एकत्रीकरण कार्य से जुड़ी जानकारी मांगी थी। आरटीआई में यह भी पूछा गया था कि सफाई कार्य से जुड़े ठेकेदार को कितना भुगतान किया गया और भुगतान संबंधी अभिलेखों की प्रतियां उपलब्ध कराई जाएं। आरोप है कि नगर पालिका ने जवाब में कहा कि इस संबंध में कोई सूचना उपलब्ध नहीं है।

उन्होंने इसे गंभीर मामला बताते हुए कहा कि यदि नियमित रूप से सफाई कार्य पर खर्च किया जा रहा है तो भुगतान अभिलेख उपलब्ध न होना कई सवाल खड़े करता है। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि पालिका प्रशासन जानबूझकर जानकारी छिपा रहा है और नगर पालिका में पारदर्शिता का अभाव दिखाई दे रहा है।

भुसरी ने नगर पालिका अध्यक्ष मनोज कुमार और अधिशासी अधिकारी की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भ्रष्टाचार पर कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस इस मुद्दे को जन आंदोलन का रूप देगी।

रजत जयंती पार्क पर भी उठे सवाल

गदरपुर के वार्ड संख्या-6 में बन रहे रजत जयंती पार्क को लेकर भी कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। सिद्धार्थ भुसरी का आरोप है कि पार्क स्थल पर अभी केवल सीमित चारदीवारी और कुछ मिट्टी डालने का कार्य हुआ है, जबकि करीब 50 लाख रुपये का भुगतान किए जाने का दावा किया जा रहा है।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “रजत जयंती पार्क” का नाम बदलकर “भ्रष्टाचार जयंती पार्क” रख देना चाहिए। उनका कहना है कि निर्माण कार्य की वास्तविक प्रगति और भुगतान में बड़ा अंतर दिखाई दे रहा है, जो संभावित वित्तीय गड़बड़ी की ओर संकेत करता है।