रिपोर्ट : बादल गंगवार
रुद्रपुर। करीब 40 लाख रुपये की लागत से बना प्रेस क्लब भवन वर्षों से उपेक्षा और आपसी गतिरोध के चलते बदहाली का शिकार है। अब महापौर विकास शर्मा की मध्यस्थता से भवन के संचालन को लेकर लंबे समय से चला आ रहा गतिरोध समाप्त हो गया है। भवन के जीर्णोद्धार, सौंदर्यीकरण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी नगर निगम उठाएगा, जबकि संचालन में पत्रकारों की गठित कमेटी सहयोग करेगी। इस सहमति के बाद वर्षों से बंद पड़े भवन को दोबारा पत्रकारों के उपयोग में लाने का रास्ता साफ हो गया है।
शुक्रवार को विभिन्न पत्रकार संगठनों से जुड़े पत्रकारों ने महापौर विकास शर्मा के समक्ष प्रेस क्लब भवन की बदहाल स्थिति का मुद्दा उठाते हुए इसके जीर्णोद्धार और पत्रकारों के हित में उपयोग सुनिश्चित कराने की मांग की। महापौर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पत्रकारों के बीच संवाद स्थापित कराया और आपसी सहमति से समाधान निकाला। तय किया गया कि भवन का संचालन और देखरेख नगर निगम के माध्यम से की जाएगी। इसके लिए पत्रकारों की एक कमेटी गठित होगी, जो नगर निगम के साथ समन्वय बनाकर व्यवस्थाओं के संचालन में सहयोग करेगी। भवन की चाबी नगर आयुक्त के पास रहेगी और इसका संचालन सिटी क्लब की तर्ज पर किया जाएगा।
प्रेस क्लब भवन की बदहाली सरकारी धन से बने एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक भवन के वर्षों तक उपयोग में नहीं आ पाने की कहानी भी बयां करती है। वर्ष 2011 में आदर्श कॉलोनी में 9.50 लाख रुपये की लागत से इस भवन का निर्माण कराया गया था। इसका उद्देश्य पत्रकारों को बैठकों, विचार-विमर्श, संवाद और पत्रकारिता से जुड़ी गतिविधियों के लिए एक बेहतर मंच उपलब्ध कराना था। हालांकि, संचालन को लेकर पत्रकारों के बीच सहमति नहीं बन पाई और भवन का लोकार्पण तक नहीं हो सका।
देखरेख के अभाव और लंबे समय तक बंद रहने के कारण भवन की स्थिति लगातार बिगड़ती गई। जो परिसर पत्रकारों की गतिविधियों का केंद्र बन सकता था, वह धीरे-धीरे खंडहर में तब्दील हो गया। आपसी गतिरोध के चलते प्रशासन ने भी भवन पर ताला लगा दिया। बीते कई वर्षों से पत्रकार संगठन इसके जीर्णोद्धार और सदुपयोग की मांग उठाते रहे, लेकिन आपसी तालमेल के अभाव में समाधान नहीं निकल पाया। अब महापौर की पहल से विवाद के समाधान के साथ ही भवन के पुनर्जीवन की दिशा में ठोस कदम बढ़ा है।
महापौर विकास शर्मा ने कहा कि प्रेस क्लब भवन को दोबारा उपयोगी और सुविधायुक्त बनाने के लिए नगर निगम इसके सौंदर्यीकरण और आवश्यक व्यवस्थाओं पर काम करेगा। भवन में फर्नीचर, कंप्यूटर और पत्रकारों के लिए जरूरी अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि यहां पत्रकारिता से संबंधित गतिविधियां सुचारु रूप से संचालित हो सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि भवन को केवल मरम्मत तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे पत्रकारों के लिए एक व्यवस्थित और उपयोगी केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होने के बाद भवन का लोकार्पण मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कर कमलों से कराया जाएगा।
महापौर ने कहा कि मीडिया समाज का दर्पण है और लोकतंत्र में पत्रकारों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। पत्रकार जनसमस्याओं को सामने लाने के साथ ही शासन-प्रशासन और आम जनता के बीच संवाद का माध्यम बनते हैं। ऐसे में पत्रकारों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और उनके लिए एक व्यवस्थित स्थान सुनिश्चित करने की दिशा में प्रेस क्लब भवन का पुनर्जीवन महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि लंबे समय से बंद पड़े इस भवन का उपयोग पत्रकारों के हित में होना चाहिए। आपसी मतभेदों के कारण सार्वजनिक संसाधनों का उपयोग बाधित नहीं होना चाहिए। सभी पत्रकार संगठनों के बीच सहमति बनाकर भवन के संचालन की व्यवस्था तय की गई है, ताकि भविष्य में इसका बेहतर रखरखाव हो सके और पत्रकार यहां बैठकर अपने पेशे से जुड़ी गतिविधियों को आगे बढ़ा सकें।
प्रेस क्लब अध्यक्ष केवल कृष्ण बतरा और वरिष्ठ पत्रकार अनिल चौहान ने महापौर विकास शर्मा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रेस क्लब भवन का संचालन नगर निगम की देखरेख में कराने का निर्णय सराहनीय है। इससे वर्षों से अनुपयोगी पड़े भवन का इस्तेमाल पत्रकारों के हित में सुनिश्चित हो सकेगा। उन्होंने कहा कि पत्रकारों की कमेटी गठित कर नगर निगम के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा, ताकि भवन का संचालन व्यवस्थित ढंग से हो और उपलब्ध सुविधाओं का समुचित उपयोग किया जा सके।
इस दौरान पत्रकार अनिल चौहान, कंचन वर्मा, नरेंद्र राठौर, सुशील चौहान, पूरन रावत, चंदन बंगारी, अमन सिंह, सुरेंद्र शर्मा सहित विभिन्न पत्रकार संगठनों से जुड़े कई पत्रकार मौजूद रहे।



