आईसीएआई भवन निर्माण हेतु भूमि आवंटन की मांग, महापौर विकास शर्मा के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन

रुद्रपुर। भारतीय सनदी लेखाकार संस्थान (आईसीएआई) की हल्द्वानी शाखा के लिए स्थायी भवन निर्माण की मांग को लेकर सीए एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने महापौर विकास शर्मा के माध्यम से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन में रुद्रपुर और हल्द्वानी के मध्य लगभग 10 हजार वर्ग फीट भूमि आवंटित किए जाने का अनुरोध किया गया है, ताकि कुमाऊं क्षेत्र में आईसीएआई का अत्याधुनिक संस्थागत भवन स्थापित किया जा सके।

ज्ञापन में बताया गया कि वर्तमान में आईसीएआई की हल्द्वानी शाखा किराये के परिसर से संचालित हो रही है, जिसके कारण शाखा की गतिविधियों तथा सदस्यों और विद्यार्थियों की बढ़ती आवश्यकताओं को पूरा करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में स्थायी भवन की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही है।

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि आईसीएआई देश की एक प्रतिष्ठित वैधानिक संस्था है, जिसकी स्थापना चार्टर्ड अकाउंटेंट अधिनियम, 1949 के तहत की गई थी। संस्था लेखांकन, लेखा परीक्षा, कराधान, वित्तीय प्रबंधन, कॉर्पोरेट गवर्नेंस और व्यावसायिक नैतिकता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। देशभर में इसकी 186 शाखाएं कार्यरत हैं, जहां सदस्यों एवं विद्यार्थियों के लिए प्रशिक्षण, सेमिनार, कार्यशालाएं और कौशल विकास कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि उत्तराखंड, विशेषकर कुमाऊं क्षेत्र के युवाओं में चार्टर्ड अकाउंटेंसी और अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के प्रति रुचि लगातार बढ़ रही है। हालांकि आधुनिक प्रशिक्षण और संस्थागत सुविधाओं के अभाव में अनेक विद्यार्थियों को राज्य से बाहर जाना पड़ता है। प्रस्तावित भवन के निर्माण से स्थानीय युवाओं को अपने क्षेत्र में ही उच्च स्तरीय शिक्षा, प्रशिक्षण और मार्गदर्शन की सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

प्रस्तावित भवन में प्रशिक्षण कक्ष, सेमिनार हॉल, पुस्तकालय, डिजिटल लर्निंग सेंटर, अध्ययन कक्ष, प्रोफेशनल डेवलपमेंट सेंटर तथा उद्यमियों एवं उद्योग जगत के लिए परामर्श सुविधाएं विकसित किए जाने का प्रस्ताव है। संस्था का मानना है कि यह केंद्र कौशल विकास, स्वरोजगार, स्टार्टअप प्रोत्साहन और ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

ज्ञापन में कहा गया कि यह परियोजना राज्य में वित्तीय जागरूकता, कर अनुपालन, कॉर्पोरेट गवर्नेंस और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने में सहायक सिद्ध होगी। साथ ही यह उत्तराखंड सरकार की कौशल विकास एवं आर्थिक विकास संबंधी योजनाओं को भी मजबूती प्रदान करेगी।

महापौर विकास शर्मा ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि ज्ञापन को प्राथमिकता के साथ मुख्यमंत्री तक पहुंचाया जाएगा तथा इस मांग के संबंध में सकारात्मक पहल के प्रयास किए जाएंगे।

इस अवसर पर सीए मोहित देव, सीए चेतन खुराना, सीए अंकित प्रताप सिंह, सीए अभिषेक बठला, सीए मोहित गंभीर, सीए पारस सुराना, सीए विजेंद्र माहेश्वरी सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।