हिंदी पत्रकारिता दिवस: कुमाऊं युवा प्रेस क्लब की गोष्ठी में पत्रकार हितों और संगठनात्मक मजबूती पर जोर

रुद्रपुर। हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर कुमाऊं युवा प्रेस क्लब द्वारा जिला पंचायत सभागार में एक भव्य विचार गोष्ठी एवं संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिले के वरिष्ठ एवं युवा पत्रकारों ने बड़ी संख्या में सहभागिता करते हुए पत्रकारिता के वर्तमान स्वरूप, मीडिया की जिम्मेदारियों, संगठनात्मक एकता, पत्रकार सुरक्षा तथा बदलते कानूनी परिदृश्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कुमाऊं युवा प्रेस क्लब के केंद्रीय संरक्षक एवं वरिष्ठ पत्रकार कमल श्रीवास्तव ने की, जबकि संचालन वरिष्ठ पत्रकार अवतार सिंह बिष्ट ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ हिंदी पत्रकारिता के जनक पंडित जुगल किशोर शुक्ल को स्मरण करते हुए किया गया। वक्ताओं ने हिंदी पत्रकारिता के गौरवशाली इतिहास, उसके संघर्षों तथा लोकतंत्र को सशक्त बनाने में उसकी भूमिका पर प्रकाश डाला।

अपने संबोधन में केंद्रीय अध्यक्ष सौरभ गंगवार ने कहा कि पत्रकारिता केवल समाचारों का संकलन और प्रसारण नहीं, बल्कि समाज और लोकतंत्र के प्रति एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में पत्रकारों की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है, क्योंकि आज सूचना की गति के साथ उसकी सत्यता और विश्वसनीयता को बनाए रखना भी बड़ी चुनौती है। उन्होंने पत्रकारों से निष्पक्ष, तथ्यपरक और जनहितकारी पत्रकारिता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया। गंगवार ने कहा कि कुमाऊं युवा प्रेस क्लब पत्रकारों के हितों की रक्षा, उनकी समस्याओं के समाधान और संगठनात्मक मजबूती के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने सभी पत्रकार साथियों से आपसी समन्वय और एकता बनाए रखते हुए पत्रकार समाज के हित में कार्य करने का आह्वान किया।

केंद्रीय संरक्षक कमल श्रीवास्तव ने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र की आधारशिला है और पत्रकार समाज एवं शासन-प्रशासन के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु की भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, निष्पक्षता और जिम्मेदारी के साथ करना चाहिए।

वक्ताओं ने संगठनात्मक एकता पर जोर देते हुए कहा कि यदि किसी पत्रकार संगठन से जुड़ा कोई विषय, विवाद या मतभेद हो तो उस पर चर्चा संगठन की बैठकों में ही की जानी चाहिए। किसी भी विषय को संगठन से बाहर या गैर-संबंधित व्यक्तियों के समक्ष उठाना उचित नहीं है। स्वस्थ संवाद और आपसी समझ के माध्यम से हर समस्या का समाधान निकाला जा सकता है।

इस दौरान वक्ताओं ने स्पष्ट रूप से कहा कि कुमाऊं युवा प्रेस क्लब ने कभी किसी पत्रकार संगठन का विरोध नहीं किया है और न ही उसकी कार्यशैली विरोध की राजनीति पर आधारित रही है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत किसी भी संगठन या पत्रकार साथी ने जब भी सहयोग मांगा है, क्लब ने अपनी क्षमता के अनुसार सहयोग प्रदान करने का प्रयास किया है। पत्रकारों के बीच प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि सहयोग और समन्वय की भावना होनी चाहिए।

पत्रकारिता के बदलते स्वरूप पर चर्चा करते हुए वक्ताओं ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता की शुरुआत वर्ष 1826 में हुई थी, लेकिन आज भी पत्रकार अनेक प्रकार के दबावों और चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि कई मामलों में पत्रकारों की परिस्थितियां अपेक्षित रूप से बेहतर नहीं हो पाई हैं। ऐसे में पत्रकारों को अपने अधिकारों, कर्तव्यों और पेशेवर मूल्यों के प्रति सजग रहना होगा।

कार्यक्रम में प्रशासनिक बैठकों और अधिकारियों से संवाद के विषय पर भी महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए। वक्ताओं ने कहा कि किसी भी अधिकारी या विभागीय बैठक में जाने से पहले पत्रकारों को पूरी तैयारी करनी चाहिए। उन्हें यह स्पष्ट होना चाहिए कि बैठक का विषय क्या है, किन मुद्दों पर जानकारी लेनी है और जनता से जुड़े कौन-कौन से प्रश्न अधिकारियों के समक्ष रखने हैं। एक जागरूक और तैयार पत्रकार ही प्रभावी ढंग से जनहित के मुद्दों को उठा सकता है।

वर्तमान समय में लागू हो रहे नए कानूनों और नियमों पर भी चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि पत्रकारों को बदलते कानूनी प्रावधानों की जानकारी रखना अत्यंत आवश्यक है। समाचार संकलन, प्रकाशन और प्रसारण के दौरान कानूनी पहलुओं की अनदेखी पत्रकारों के लिए कठिनाइयां पैदा कर सकती है। इसलिए पत्रकारों को अधिक सतर्कता, जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ कार्य करना चाहिए।

मीडिया की भूमिका पर भी गंभीर चिंतन व्यक्त किया गया। वक्ताओं ने कहा कि मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहा जाता है, लेकिन आज यह विचार करने की आवश्यकता है कि क्या मीडिया वास्तव में उसी स्वतंत्रता और प्रभाव के साथ अपनी भूमिका निभा पा रहा है। पत्रकारिता का मूल उद्देश्य जनता की आवाज बनना, सत्ता से सवाल पूछना और समाज के कमजोर वर्गों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाना है। यदि मीडिया इन मूल उद्देश्यों से दूर होता है तो लोकतांत्रिक व्यवस्था भी प्रभावित होती है।

बैठक में पत्रकारों की सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा संबंधी मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया गया। वक्ताओं ने सुझाव दिया कि कुमाऊं युवा प्रेस क्लब से जुड़े सभी पत्रकार साथियों का सामूहिक बीमा कराया जाना चाहिए, ताकि किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में पत्रकारों और उनके परिवारों को आर्थिक सुरक्षा मिल सके। उन्होंने कहा कि पत्रकार समाज के लिए निरंतर कार्य करते हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा और कल्याण के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।

इसके अतिरिक्त संगठन को और अधिक मजबूत एवं सक्रिय बनाने के लिए भविष्य में बड़े स्तर पर पत्रकार सम्मेलन, प्रशिक्षण कार्यशालाएं तथा सम्मान समारोह आयोजित करने का भी प्रस्ताव रखा गया। वक्ताओं ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से पत्रकारों को अनुभव साझा करने, नई जानकारियां प्राप्त करने तथा पेशेवर क्षमता विकसित करने का अवसर मिलता है।

अंत में सभी पत्रकार साथियों ने हिंदी पत्रकारिता दिवस के महत्व को रेखांकित करते हुए निष्पक्ष, निर्भीक, तथ्यपरक और जनहितकारी पत्रकारिता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ तथा उपस्थित पत्रकारों ने पत्रकार हितों और संगठनात्मक मजबूती के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में केंद्रीय संरक्षक कमल श्रीवास्तव, केंद्रीय अध्यक्ष सौरभ गंगवार, केंद्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष गुरबाज सिंह, केंद्रीय महामंत्री हरविंदर सिंह चावला, केंद्रीय सदस्य गोपाल गौतम, वरिष्ठ पत्रकार असलम कोहरा, सुनील श्रीवास्तव, प्रदीप फुटेला, महानगर संरक्षक सुरेंद्र गिरधर, जगदीश चंद्र, बरीत सिंह, महानगर अध्यक्ष भानु चुग, महानगर महामंत्री अभिषेक शर्मा, महानगर वरिष्ठ उपाध्यक्ष सत्यजीत सरकार, महानगर उपाध्यक्ष गुरविंदर सिंह गिल, महानगर सचिव मनीष ग्रोवर, महानगर उप सचिव विजय गुप्ता, शुरभूतों गोस्वामी, संजीव गायन, दुर्गेश तिवारी, संदीप पांडे, शुभम कुमार, सुरेंद्र शर्मा, जगनेश सिंह, बलवीर सिंह चौहान, बादल गंगवार, रामबाबू, अंकुर गंगवार, संदीप गुप्ता, अजीत चौहान, समजीत सरकार, शिव सिंह राणा, संतु कुमार, आदिल खान सहित बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे।