रुद्रपुर में गरजीं आशा कार्यकर्ता, गल्ला मंडी में दिया धरना

रुद्रपुर। राज्य कर्मचारी का दर्जा देने, न्यूनतम वेतन लागू करने समेत तीन सूत्री मांग के लिए आशा कार्यकर्ताओं ने गल्ला मंडी में धरना दिया। कार्यकर्ताओं ने सीएमओ डॉ. एसके गोस्वामी के माध्यम से सीएम को मांगपत्र भेजा। जल्द सभी समस्याओं का निराकरण करने की मांग की।

आशा कार्यकर्ता यूनियन की प्रदेश उपाध्यक्ष रीता कश्यप ने कहा कि सरकार को राज्य में 10 साल पूरे हो चुके हैं। सीएम छह साल का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं। इस दौरान कई बार सरकार के समक्ष आशा वर्कर्स ने अपनी समस्याओं को रखा लेकिन सरकार आशाओं को बंधुआ मजदूर समझती है। स्वास्थ्य विभाग का हर काम आशाओं के मत्थे मढ़ दिया जाता है। लेकिन मेहनताने के नाम पर उन्हें मात्र 3300 रुपये प्रोत्साहन और कुछ कामों का कमीशन दिया जाता है। जो कि न्यूनतम वेतन से बेहद कम है।

जिलाध्यक्ष ममता पानू ने कहा कि आशाओं के पास आंदोलन के सिवा और कोई रास्ता नहीं है। यूनियन की उपसचिव अनिता अन्ना ने कहा कि भाजपा सरकार के रवैया मजदूर विरोधी है। वह मजदूरों के खिलाफ कानून बना रही है। आशाओं का सरकार खुलेआम शोषण कर रही है। इस दौरान भाकपा(माले) के जिला सचिव ललित मटियाली, काजल मिस्त्री, कुलविंदर कौर, बबीता कश्यप, सोनिया, पार्वती, कल्पना, लक्ष्मी, सुषमा, नीता पांडेय आदि मौजूद रहे।