भगवान वाल्मीकि प्रकट दिवस पर रुद्रपुर में भव्य जागरण, ‘जय जय वाल्मीकि भगवान’ के जयकारों से गूंजा मंदिर परिसर

रुद्रपुर। भगवान वाल्मीकि प्रकट दिवस के पावन अवसर पर महर्षि वाल्मीकि धर्म समाज कल्याण समिति की ओर से गांधी कॉलोनी स्थित भगवान वाल्मीकि मंदिर में भव्य जागरण एवं भजन संध्या का आयोजन किया गया। पूरे मंदिर परिसर को रंग-बिरंगी रोशनी, फूल-मालाओं और भगवा झंडों से सजाया गया था। भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी और देर रात तक भक्ति रस में डूबी रही।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल, महापौर विकास शर्मा और पूर्व महापौर रामपाल सिंह ने जोत प्रज्वलन एवं भगवान वाल्मीकि की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया। समिति के सदस्यों ने भगवान वाल्मीकि के जीवन, आदर्शों और उनके समाज सुधारक स्वरूप पर प्रकाश डाला। अतिथियों का स्वागत भगवान वाल्मीकि की प्रतिमा के समक्ष भव्य मालाओं से किया गया।

मंच से वक्ताओं ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि न केवल संस्कृत के प्रथम कवि थे, बल्कि समाज सुधार और समानता के प्रतीक भी हैं। उन्होंने अपने ज्ञान, त्याग और तप से मानवता के उत्थान का मार्ग प्रशस्त किया।

जागरण के दौरान भक्ति मंडलियों ने भगवान वाल्मीकि पर आधारित अनेक भजन प्रस्तुत किए —

“जय जय वाल्मीकि भगवान, सबका करो कल्याण”,

“रामायण के रचयिता तू ही ज्ञान के दाता” और

“महर्षि वाल्मीकि का नाम अमर रहे”

जैसे भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे। पूरा माहौल ‘जय वाल्मीकि – जय वाल्मीकि’ के जयघोषों से गूंज उठा।

इस अवसर पर पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने कहा कि “भगवान वाल्मीकि ने कर्म और ज्ञान के बल पर यह संदेश दिया कि कोई भी व्यक्ति समाज में सम्मान पा सकता है। हमें उनके आदर्शों को अपनाकर समाज को शिक्षित और सशक्त बनाना चाहिए।”

उन्होंने कहा कि वाल्मीकि समाज निरंतर प्रगति की दिशा में अग्रसर है और इसकी एकता पूरे समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।

महापौर विकास शर्मा ने कहा कि भगवान वाल्मीकि का जीवन त्याग, ज्ञान और सेवा का प्रतीक है। उनके बताए मार्ग पर चलकर समाज में भाईचारा और सद्भाव स्थापित किया जा सकता है।

कार्यक्रम में पूर्व भाजपा किसान मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष अनिल चौहान, समाजसेवी संजय ठुकराल, बंटी राजोरिया (अध्यक्ष, महर्षि वाल्मीकि धर्म समाज कल्याण समिति), सुल्तान सिंह, पारस चुघ, गौरव जुयाल, ज्ञानचंद, राजेश, सुरेंद्र, संजय राठौर, नीरज, सुखबीर सिंह, गिरीश चंद, संजीव खेरालिया, विनोद, सुनील रोहतकी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक एवं समिति सदस्य उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान कलाकारों ने पारंपरिक पोशाक में भक्ति गीतों की प्रस्तुतियों से माहौल को और आकर्षक बना दिया। आयोजकों ने बताया कि समिति भविष्य में निःशुल्क शिक्षा शिविर, सामाजिक जागरूकता अभियान और रक्तदान शिविर जैसे जनहितकारी कार्य भी आयोजित करेगी।

अंत में प्रसाद वितरण किया गया। देर रात तक भक्तजन भगवान वाल्मीकि की महिमा का गुणगान करते रहे और पूरा मंदिर परिसर भक्ति एवं उल्लास से सराबोर रहा।