मीडिया ग्रुप, 29 सितंबर, 2025
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने जौनपुर के बदलापुर पड़ाव स्थित मार्ट प्रतिष्ठान के मैनेजर को इस मामले में दोषी पाया। इसके साथ ही आदेश दिया कि एक महीने के अंदर उपभोक्ता को कैरी बैग की कीमत सात रुपये के अलावा मानसिक पीड़ा के तीन हजार रुपए देने का आदेश दिया है।
मॉल, मार्ट और बड़ी-बड़ी दुकानों में खरीदारी के बाद बिल पेमेंट के दौरान अक्सर ग्राहकों से कैरी बैग चाहिए या नहीं यह पूछा जाता है। यदि ग्राहक कैरी बैग की डिमांड करता है तो उसे कुछ रुपए इसके लिए भी चुकाने होते हैं लेकिन यूपी के जौनपुर के एक मार्ट में कैरी बैग के लिए उपभोक्ता से सात रुपए लेना महंगा पड़ गया।
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष विनोद कुमार सिंह और सदस्य गीता ने जौनपुर के बदलापुर पड़ाव स्थित मार्ट प्रतिष्ठान के मैनेजर को इस मामले में दोषी पाया। इसके साथ ही आदेश दिया कि एक महीने के अंदर उपभोक्ता को कैरी बैग की कीमत सात रुपये के अलावा मानसिक पीड़ा के 1,500 और परिवाद व्यय के लिए 1,500 रुपये क्षतिपूर्ति अदा करें।
परिवाद दायर कर कहा गया था कि 18 अगस्त 2024 को 799 रुपये की खरीदारी की थी। वहां क्रय मूल के अतिरिक्त सात रुपये कैरी बैग का अतिरिक्त चार्ज लिया गया। इसे सेवा में कमी और अनुचित व्यापारिक व्यवहार बताया गया। उपभोक्ता की ओर से यह भी बताया गया कि मार्ट के नियमानुसार ग्राहक कोई कैरी बैग लेकर अंदर नहीं जा सकता, ताकि ग्राहकों से कैरी बैग का अतिरिक्त शुल्क लिया जा सके।
