रुद्रपुर। विश्व मानव दुर्व्यवहार (तस्करी) निषेध दिवस के अवसर पर इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल डेवलपमेंट (ISD) द्वारा एक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महापौर विकास शर्मा एवं महिला पुलिस निरीक्षक बसंती आर्या ने दीप प्रज्वलित कर किया।
कार्यक्रम का संचालन ISD की परियोजना निदेशक बिंदुवासिनी ने किया। कार्यशाला में विभिन्न सामाजिक संगठनों, पार्षदों, व्यापार मंडल, चाइल्ड हेल्पलाइन कर्मियों और स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने भाग लिया।
महापौर विकास शर्मा ने कहा कि मानव तस्करी केवल एक कानूनी मुद्दा नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना का विषय है। यह मानवीय मूल्यों और राष्ट्रीय अस्मिता पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा कि नगर निगम रुद्रपुर जन-जागरूकता अभियानों को निरंतर चलाने और स्कूल-कॉलेजों में कार्यक्रमों के माध्यम से समाज को जागरूक करने के लिए प्रतिबद्ध है।
महिला पुलिस निरीक्षक बसंती आर्या ने कहा कि मानव तस्करी एक गंभीर वैश्विक अपराध बन चुका है, जिसमें बच्चे, महिलाएं, युवतियां व पुरुष सभी शिकार हो रहे हैं। तस्करी का मुख्य कारण गरीबी, अशिक्षा और असंवेदनशील सामाजिक ढांचा है। उन्होंने समाज से सतर्कता और सहयोग की अपील की।
इस मौके पर चाइल्ड हेल्पलाइन से चांदनी, पार्षद सुनील कुमार, व्यापारी नेता संदीप राव, मनोज छाबड़ा, चिराग कांगड़ा, ममता आर्या, रविंद्र वर्मा, प्रेमा दानू, संगीता समेत बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।
