रुद्रपुर: चोरी की वारदातों के बाद एक्शन मोड में पुलिस, रात में बाजारों में तैनात होगी पीएसी

रुद्रपुर। विकास शर्मा की अगुवाई में व्यापारियों के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को अजय गणपति से मुलाकात कर शहर में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं पर चिंता जताई। व्यापारियों के असंतोष और सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवालों के बीच हुई इस अहम बैठक में रात की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़ा फैसला लिया गया।

बैठक में तय हुआ कि अब शहर में रात के समय पीएसी के जवानों की अलग से तैनाती की जाएगी। एसएसपी अजय गणपति ने तत्काल प्रभाव से एक प्लाटून पीएसी तैनात करने के निर्देश जारी किए हैं। यह बल रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक प्रमुख बाजारों और संवेदनशील इलाकों में गश्त करेगा। पीएसी की निगरानी और संचालन के लिए एक सब इंस्पेक्टर को विशेष जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।

दरअसल, हाल ही में मटके वाली गली सहित शहर के चार प्रतिष्ठानों में चोरी की घटनाओं के बाद व्यापारियों में नाराजगी बढ़ गई थी। व्यापारियों ने पुलिस से जल्द खुलासे की मांग करते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए थे। इसी को लेकर महापौर विकास शर्मा व्यापारियों के साथ एसएसपी कार्यालय पहुंचे और पूरे मामले पर विस्तार से चर्चा की। एसएसपी ने भरोसा दिलाया कि पुलिस की विशेष टीमें लगातार काम कर रही हैं और जल्द ही चोरी की घटनाओं का खुलासा किया जाएगा।

महापौर विकास शर्मा ने बताया कि व्यापारियों के सुझावों के आधार पर शहर के कई संवेदनशील प्वाइंट चिन्हित किए गए हैं, जहां पीएसी जवानों की विशेष तैनाती रहेगी। साथ ही शहर की गलियों और बाईपास मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की रातभर निगरानी की जाएगी। इसके लिए पुलिसकर्मियों की अलग ड्यूटी लगाई गई है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड पुलिस “ऑपरेशन प्रहार” के तहत अपराधियों और नशा माफियाओं के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। रुद्रपुर में भी अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए अभियान जारी है। महापौर ने कहा कि व्यापारियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी व्यापारी को असुरक्षित महसूस नहीं होने दिया जाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि जहां आवश्यकता होगी वहां नगर निगम की ओर से अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। नई सुरक्षा रणनीति लागू होने के बाद शहर में चोरी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगने और व्यापारियों का भरोसा मजबूत होने की उम्मीद जताई गई।