मीडिया ग्रुप, 01 फरवरी, 2022
निर्मला सीतारमण ने बजट में विभिन्न सेक्टर्स में टैक्स और इनसेंटिव को लेकर कई बड़े ऐलान किए हैं। कपड़े, लेदर आइटम, जेम्स (रत्न वाले पत्थर) और डायमंड, मोबाइल फोन और चार्जर, सेलुलर मोबाइल फोन के लिए कैमरा लेंस, जूते-चप्पल, कृषि उपकरण और औजार, मेंथा ऑयल और हींग जैसी चीजें सस्ती हो सकती हैं। बिना ब्लेंडिंग वाले फ्यूल, विदेशी छाता, नकली गहने, सिंगल/मल्टीपल लाउडस्पीकर्स, ईयरफोन/हेडफोन, स्मार्ट मीटर, सोलर सेल, सोलर मॉड्यूल और एक्स-रे मशीन महंगी हो सकती हैं।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पूर्णकालिक वित्त मंत्री के रूप में अपना चौथा और मोदी सरकार 10वां आम बजट पेश किया। इस बार के बजट में आम आदमी की उम्मीदों को एक बार फिर से झटका लगा है। दरअसल, इस बार भी सरकार की ओर से आयकर स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
हालांकि, कुछ मामलों में आम आदमी को राहत देने की घोषणाएं भी की गई हैं। जैसे कि आयकर रिटर्न फाइल करने में हुई गड़बड़ी को सुधारने के लिए दो साल का समय दिया गया है। देश में 80 लाख नए घर बनाए जाएंगे और 60 लाख लोगों को रोजगार उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावा आरबीआई की ओर से इस साल डिजिटल करेंसी लॉन्च किए जाने का एलान किया गया है।
1- 60 लाख रोजगार पैदा होंगे-
जैसा कि बजट पेश होने से पहले उम्मीद की जा रही थी कि इस बार सरकार का जोर रोजगार मुहैया कराने और बढ़ती बेरोजगारी से निपटने पर होगा। तो इस मामले में वित्त मंत्री ने कहा कि हमारी कोशिश 60 लाख नए रोजगार का सृजन करने की होगी।
2- एमएसपी सीधे किसानों के खाते में-
किसानों को राहत देते हुए वित्त मंत्री ने एलान किया कि अब 2.37 लाख करोड़ रुपये की एमएसपी सीधे किसानों के खाते में भेजी जाएगी। इसके साथ ही किसानों को डिजिटल सर्विस मिलेगी, जिसमें दस्तावेज, खाद, बीज, दवाई से संबंधित सेवाएं शामिल हैं।
3- क्रिप्टोकरेंसी से आय पर टैक्स-
केंद्रीय वित्त मंत्री सीतारमण ने अपने बजट भाषण में आभासी मुद्रा या क्रिप्टोकरेंसी को लेकर बड़ा एलान किया है। उन्होंने कहा कि अब क्रिप्टोकरेंसी के जरिए होने वाली आय पर 30 फीसदी का टैक्स चुकाना होगा।
4- डाकघर में एटीएम सुविधा-
बजट 2022 के प्रमुख एलानों की फेहरिस्त में डाकघर डिजिटल किए जाने की भी घोषणा की गई। वित्त मंत्री के अनुसार, देश के 1.5 लाख डाकघर अब कोर बैंकिंग से जुड़ेंगे। डाकघरों में एटीएम सुविधा दी जाएगी, पोस्ट ऑफिस में डिजिटल सुविधाएं मिलेंगी।
5- आईटीआर में सुधार के लिए 2 साल-
अपनी बजट घोषणाओं के क्रम में हालांकि, वित्त मंत्री ने आयकर स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया, लेकिन आयकर रिटर्न फाइल करने में हुई गड़बड़ी को सुधारने के लिए दो साल का समय दिया गया है। इससे करदाताओं को थोड़ी राहत जरूर मिलेगी।
6- 80 लाख नए घर बनेंगे-
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत देशभर में 80 लाख नए घर बनाए जाने का बड़ा एलान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से किया गया। उन्होंने कहा कि इसके लिए वित्त वर्ष 2022-23 के बजट में 48 हजार करोड़ रुपये आवंटित किए जाएंगे।
7- 400 नई वंदेभारत ट्रेनें चलेंगी-
वित्त मंत्री ने एलान किया कि 400 नई पीढ़ी की वंदेभारत ट्रेनें अगले 3 साल के दौरान चलाई जाएंगी। 100 प्रधानमंत्री गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल भी इस दौरान डेवलप किए जाएंगे। मेट्रो सिस्टम को विकसित करने के लिए नए तरीके अपनाए जाएंगे।
8- 2022 में 5जी की शुरुआत-
सीतारमण ने अपने बजट भाषण के दौरान देश में 5G और ऑप्टिकल फाइबर सेवाओं को लेकर बड़ी घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि साल 2022-23 में 5G मोबाइल सेवाओं के लिए स्पेक्ट्रम की नीलामी होगी। इसके बाद से निजी दूरसंचार कंपनियां देश में 5G सेवाओं की शुरुआत कर सकेंगी।
9- आरबीआई लाएगी डिजिटल रुपया-
आरबीआई की डिजिटल मुद्रा का इंतजार खत्म होने वाला है। दरअसल, वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण के दौरान कहा कि इस साल भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) अपनी ब्लॉकचैन और नई तकनीक पर आधारित रुपया लॉन्च करेगी।
10- ई-पासपोर्ट की मिलेगी सुविधा-
वित्त मंत्री ने बजट 2022-23 में कई बड़े एलान करने के साथ ही ई-पासपोर्ट को लेकर भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस वित्त वर्ष में ई-पासपोर्ट जारी किए जाएंगे, जिनमें चिप लगी होगी। इनके जरिए विदेश जाने वाले लोगों को सहूलियत होगी।
11- एनपीएस योजना में बदलाव-
वित्त मंत्री ने नेशनल पेंशन स्कीम- एनपीएस (NPS) को लेकर बड़ा एलान किया। अब एनपीएस में नियोक्ता का अंशदान बढ़ा दिया गया है। राज्य सरकार के कर्मचारी अब एनपीएस में 14 फीसदी अंशदान दे सकेंगे।
12- पीएम गति शक्ति का मास्टर प्लान तैयार-
प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना का मास्टर प्लान तैयार है। इसके तहत नेशनल हाईवे नेटवर्क 25 हजार किमी तक बढ़ाया जाएगा। इस मिशन के लिए 20 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बता दें कि इस योजना का शुभारंभ 13 अक्तूबर 2021 को पीएम नरेंद्र मोदी ने किया था।
13- निवेश बढ़ाने के लिए 7.55 लाख करोड़-
पूंजी निवेश से रोजगार बढ़ाने में बड़े उद्योगों और एमएसएमई दोनों से मदद मिलती है। वित्त मंत्री ने कहा कि निजी निवेशकों की क्षमता बढ़ाई जाएगी। इसके लिए केंद्रीय बजट में 5.54 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 7.55 लाख करोड़ रुपये करने का प्रावधान किया गया है।
14- एमएसएमई के लिए 6 हजार करोड़-
बजट में कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित एमएसएमई सेक्टर को मजबूत करने के लिए नई योजनाएं शुरू करने का वादा किया गया। इसके लिए 5 साल में 6000 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। उदयम, ई-श्रम, एनसीएस और असीम पोर्टल आपस में जुड़ेंगे। इससे संभावनाएं और बढ़ेंगी।
15- ऑर्गेनिक खेती को मिलेगा बढ़ावा-
कृषि क्षेत्र को लेकर एक और बड़ा एलान किया गया। वित्त मंत्री ने कहा कि गंगा के किनारों के 5 किलोमीटर के दायरे में आने वाली जमीन पर ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अलावा खेती की जमीन के दस्तावेजों का डिजिटलीकरण होगा।
16- 1486 अनुपयोगी कानून होंगे खत्म-
सीतारमण ने बजट भाषण के दौरान कहा कि देश में लागू 1486 अनुपयोगी कानूनों को खत्म करने का काम किया जाएगा। इसके साथ ही वित्त मंत्री ने एलान किया कि अब सेस की जगह नया कानून लाया जाएगा।
17- रक्षा क्षेत्र में रिसर्च के लिए 25% बजट-
वित्त मंत्री ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए अनुसंधान और विकास बजट का 68 फीसदी हिस्सा मेक इन इंडिया के लिए निर्धारित किया गया है। रक्षा में अनुसंधान के लिए 25 फीसदी बजट और उत्पादन का आयात कम करने की घोषणा हुई।
18- पीएम ई-विद्या प्रोग्राम का दायरा बढ़ा-
महामारी के दौरान स्कूल बंद रहने से गांव के बच्चों को दो साल शिक्षा से वंचित रहना पड़ा। पीएम ई-विद्या के तहत ऐसे बच्चों के लिए एक क्लास-एक टीवी चैनल प्रोग्राम के तहत अब चैनल 12 से बढ़ाकर 200 कर दिए जाएंगे। ये चैनल क्षेत्रीय भाषाओं में होंगे।
19- डिजिटल यूनिवर्सिटी की स्थापना-
वित्त मंत्री ने कहा कि अब कक्षा 1 से 12वीं तक की पढ़ाई क्षेत्रीय भाषा में होगी। व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए तकनीक की मदद ली जाएगी। एक डिजिटल यूनिवर्सिटी की स्थापना की जाएगी।
20- कॉर्पोरेट टैक्स 15 फीसदी किया-
बजट 2022 में केंद्र सरकार द्वारा सहकारी संस्थाओं का टैक्स घटाकर 15 फीसदी करने की घोषणा की गई। वित्त मंत्री ने एलान किया कि अब कॉरपोरेट टैक्स में बदलाव करते हुए इसे 18 फीसदी से घटाकर 15 फीसदी किया गया है।